भूपेश काका

    भूपेश काका

================

बच्चों के आँखों के तारे,

हैं काका भूपेश हमारे।

सुरभित कर निज परिपाटी को,

जिसने महकाया माटी को।


नरवा गरवा घुरवा बारी,

आज बनी पहचान हमारी।

सभी जगह गौठान बनाया,

धरती स्वर्ग समान बनाया।


स्वामी आत्मानंद विद्यालय,

श्रेष्ठ बनाया हर शिक्षालय।

कृषक फसल का दाम बढ़ाया,

स्वास्थ्य योजना घर घर लाया।


छत्तीसगढ़ी परिपाटी को,

महकाया जिसने माटी को।

बच्चों के आँखों के तारे,

हैं काका भूपेश हमारे।

★★★★★★★★★★

डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"


Comments

Popular posts from this blog

घनाक्षरी - तिरंगे की शान

भाईचारा पर दोहे

मुक्तक - विदाई