दोहा सृजन
कोहिनूर के दोहे
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*छंदशास्त्र*
छंदशास्त्र के ज्ञान से, मिलता है सम्मान।
गढ़ता है साहित्य जो,बनता वही महान।।
*प्रतिभागी*
बढ़ने की जब चाह हो,नित्य करो शुभ कर्म।
समझो प्रतिभागी सभी,मानवता का मर्म।।
*आयोजन*
आयोजन जब ठान लो,करना नित संघर्ष।
कठिनाई हर दूर हो, तभी मिले मन हर्ष।।
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डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" ✍️✍️
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