शिव महिमा

              गीत -- शिव महिमा

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पुण्य मास सावन में जब जब,सोमवार का भोर हुआ।

सभी जगह के शिवालयों में,शिव महिमा का जोर हुआ।

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शिव शंकर जी आभूषित है,दूध नीर के धारों से।

मंदिर मंदिर गूंज रहा है, बम बम की जयकारों से।

श्रद्धा भक्ति लेकर मन में,भक्त प्रमोदित है सारे।

सबके मन मे आश यहीं है,शिव जी हमको भी तारे।

शिव दर्शन पाने वाले का,तनमन भाव विभोर हुआ।

सभी जगह के शिवालयों में,शिव महिमा का जोर हुआ।

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शिव जी की पूजन करने से,कट जाते है पाप सभी।

जिस पर शिव जी कृपा करेंगें,मिट जाते संताप सभी।

बिन मांगे सब कुछ देते है,शिव जी अंतर्यामी है।

देवों में जो महादेव है , तीन लोक के स्वामी है।

इस सावन में शिव भजनों का,हर मंदिर में शोर हुआ।

सभी जगह के शिवालयों में,शिव महिमा का जोर हुआ।

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     ✍️✍️ = डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" = ✍️✍️


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