प्यार की बातें

           मुक्तक - प्यार की बातें

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मुझे बेहाल करती है,तेरी रसदार ये बातें।

मेरे कोरे हृदय पट को,भिगोती प्यार की रातें।

नहीं भूलूँगा मैं जानम,निमंत्रण नेह उस दिन का।

प्रणय करने दिया तुमने,जो मुझको पुण्य सौगातें।


पिलाया प्यार का मुझको,सुधा रस घोल के तुमने।

किया घायल मेरे दिल को,सजन जी बोल के तुमने।

मुझे अब भी नहीं विश्वास,हो पाता है उस पल का।

निमंत्रण दी प्रणय करने ,हृदय पट खोल के तुमने।

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डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"✍️✍️✍️


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