बेटी पर कविता

 जन्मदिन गीत - जिज्ञासा बेटी

★★★★★★★★★★★★

रूपलता अरु कोहिनूर की,

जीवन की जो आशा है।

चन्द्र किरण चितवन चंचल सी,

बिटिया यह जिज्ञासा है।

★★★★★★★★★★★

मन को यह सुरभित कर जाती है,

जिसकी शुभ किलकारी है।

कोहिनूर का जिस गुड़िया में,

बसती दुनिया सारी हैं।

तुतली-तुतली मीठी-मीठी,

जिसकी प्यारी बोली है।

सुनकर लगता है बोली में,

जैसे मधुरस घोली है।

सुकून भरा सुंदर मुखड़ा ज्यों,

जीवन की परिभाषा है।

चन्द्र किरण चितवन चंचल सी,

बिटिया यह जिज्ञासा है।

★★★★★★★★★★★

अपने घर की तू भी शोभा,

तू ही राज दुलारी है।

अपने मात पिता को बिटिया,

तू ही जग की प्यारी है।

तेरे हँसने से खिलती है,

नित खुशियाँ घर आँगन में।

मात पिता का मान बढ़ाना,

बिटिया निज तू जीवन में।

बिटिया तेरी मुस्कानों में,

सत्य सुहावन भाषा है।

चन्द्र किरण चितवन चंचल सी,

बिटिया यह जिज्ञासा है।

★★★★★★★★★★★★

जन्म दिवस पावन है तेरा,

सुख संसार बहाल रहे।

स्वस्थ सुखी जीवन हो तेरी,

उम्र हजारों साल रहे।

ईश्वर से विनती करता हूँ,

तुझे सदा ही प्यार मिले।

जीत ही जीत रहे जीवन में,

नहीं कभी भी हार मिले।

बिटिया आगे बढ़ो जगत में,

हम सबकी अभिलाषा है,

चन्द्र किरण चितवन चंचल सी,

बिटिया यह जिज्ञासा है।

★★★★★★★★★★★★

रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"






Comments

  1. जरूर कमेंट करें साथियों

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