रक्षाबंधन पर दोहे

 

रक्षाबंधन पर दोहे
★★★★★★★★
रक्षाबंधन में भरा,भ्रात बहन का प्यार।
हो राखी त्यौहार से,सुरभित यह संसार।।

दीदी करके आरती,तिलक लगाएं माथ।
करके वंदन ईश का,राखी बाँधे हाथ।।

रक्षा का देकर वचन , भ्रात करे संकल्प।
प्यारी बहना के लिए,शुभकर सभी विकल्प।।

भाई बहना में जगे,अनुपम पावन प्यार।
ज्यों अनुपम वरदान हो,राखी का त्यौहार।।

कोहिनूर ही नित करो,बहना का सम्मान।
बहना से ही है सदा,अपने घर की शान।।
★★★★★★★★★★★★★★★
रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना (छत्तीसगढ़)
मो. 8120587822

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