घनाक्षरी - कोरोना
*मनहरण घनाक्षरी*
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कोरोना से वार किया,
चीन ने प्रहार किया,
बैर बार-बार किया,
सुधर न पाएगा।
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सीमा पर बढ़ता है,
छूट-पुट लड़ता है,
और गले पड़ता है,
आग लगवायेगा।
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भु गगन चाहे घाटी,
चंदन यहाँ की माटी,
शहीदी की परिपाटी,
वीरता दिखायेगा।
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भूलना संदेश नहीं,
बासठ का देश नहीं,
शेरों वाले भारत से,
कैसे बच पायेगा।★★★★★★★★★★★★
रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822
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