विघ्नहरण गणराज
कुंडलियाँ - विघ्नहरण गणराज
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पावन तन मन से करो,
पूजन मिलजुल आज।
प्रगट हुए संसार में,
विघ्नहरण गणराज।
विघ्नहरण गणराज,
मुस की करे सवारी।
जिनके कृपा प्रसाद,
सुखी है सब नर नारी।
कह डिजेन्द्र करजोरि,
मूर्त जिनका मनभावन।
गणाधीश का आज,
आगमन है शुभपावन।।
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रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822
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