अब्दुल कलाम

 

कुंडलियाँ - अब्दुल कलाम
★★★★★★★★★★
साधक है विज्ञान के,
        गढ़कर ज्ञान कलाम।
दिया मिसाइल देश को,
           तब हैं उनका नाम।
तब है उनका नाम,
      हिंद को सब कुछ माना।
बना देश का मान ,
        जगत ने भी है जाना ।
कह डिजेन्द्र करजोरि,
       नहीं है अब कोई बाधक।
देश किया मजबूत,
        नित्य बनकर साधक।।
★★★★★★★★★★★★
रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822 

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