मुक्तक जोगी जी

 

मुक्तक - जोगी जी
★★★★★★★★★
सरल वह राज नेता था,
प्रखर चमका सितारा था।
सभी से प्रेम करता था,
तभी जन-जन को प्यारा था।
दिलाया नाम छत्तीसगढ़ को,
जिसनें कर-कर के संघर्ष।
मुख्यमंत्री प्रथम जो है,
वही जोगी हमारा था।
★★★★★★★★
सभी के दर्द को जिसनें,
सदा मन से ही ताड़ा था।
किसी की देखता गलती,
जोर दे के लताड़ा था।
मसीहा बन गरीबों का,
सदा जोगी कहाया जो।
कभी मंचों पर गर जा था,
कभी तनकर दहाड़ा था।
★★★★★★★★★
रचनाकार:-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पिपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822

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