मुक्तक - भाई
मुक्तक - भाई
★★★★★★★★★
मैं उस पर नाज करता हूँ,
वो मुझ पर नाज करता है ।
गर्व जिसमें हमें होता,
वही सब काज करता है।
नहीं बचता कोई जिसके सरल,
मनभाव से यारों,
मेरा प्यारा अनुज है जो,
दिलों पर राज करता है।
★★★★★★★
मेरा हर बात सुनता है,
मेरा हर बात माना है।
जो कहना चाहता हूँ मैं,
उसे पहले ही जाना है।
सभी का प्यार पाता है,
हृदय में सादगी भरकर।
मर मिटता है यारों पर,
वही प्यारा दीवाना है।
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रचनाकार- डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"
पिपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822
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