दोहा संग्रह

 दोहा संग्रह


1.पवन*

पावन मन उपवन बने,धरा बनाये स्वच्छ।

पर्यावरण सुधार कर, सुख पनपे प्रत्यक्ष।।


*2. हिरण*

व्यग्र हिरन को देखकर,लालच करते शेर।

झपट पड़ा पुरजोर से,हुई हिरन सब ढेर।।


*3. मोह*

ध्यान सदा रखकर चलो,राह में कोहिनूर।

मोह जाल में मत पड़ो,रह जाओगे दूर।।


*4. लक्ष्य*

लक्ष्य शिखर पर हो सदा,ऊँची भरें उड़ान।

तभी मिले जग में तुझे,मानव निज पहचान।।


*5. तीर*

जब उड़ान भरता मनुज,मन में धर के धीर।

लक्ष्य स्वतः आकर मिले,ज्यों निशान पर तीर।।

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

रचनाकार:-डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"


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