बाबा गुरु घासीदास

 

कुंडलियाँ -- बाबा गुरु घासीदास

सन्देशा गुरुदेव का,
               मानव सभी समान।
सत्य ज्ञान जो पा सके ,
              वह ही है इंसान ।।
वह ही है इंसान,
             ज्ञान को जिसने जाना ।
मानव सेवा धर्म,
            ज्ञान को सबकुछ माना ।।
कह डिजेंद्र करजोरि,
            नहीं हो अब अन्देशा।
सदा बढ़ाये मान ,
              अमर है गुरु सन्देशा।।

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रचनाकार- डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”
पीपरभावना,बलौदाबाजार (छ.ग.)
मो . - 8120587822

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