श्री राम पर दोहे

 

                श्रीराम पर दोहे
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जिनके पावन जाप से,बन जाते सब काम।
जग में सुख के धाम हैं,रघुवंशी श्रीराम।।

वनवासी बनकर रहें , वन में चौदह वर्ष।
पिता वचन पालन किया,कर अतुलित संघर्ष।।

राम कृपा जिस पर रहें,सुखी वही संसार।
सरल सहज उसका लगे,भव से बेड़ापार।।

राम राज इक बार फिर,जग करने उजियार।
आने वाले है सखा , जग के पालनहार।।

बनने वाली है सखा,रघुवर का अब धाम।
तब बोलो विश्वास से,जय जय जय श्रीराम।।
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रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822 

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