हनुमान पर दोहे
हनुमान पर दोहे
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मंगलमय भगवान की,पाकर कृपा अनन्य।
मुक्ति पा संताप से ,बने जनम यह धन्य।।
सांझ सबेरे जो करे,रघुवर का गुणगान।
परम दयालु है प्रभु,राम भक्त हनुमान।।
दिनकर को भी ग्रास ली,समझा फल आहार।
हनुमत भक्तों पर करें,निसदिन कृपा अपार।।
राम भक्त के नाम से,है जिनकी पहचान।
अतुलित बलशाली प्रभु,महावीर हनुमान।।
कोहिनूर नित ही करें,जिनका शुभ गुणगान।
मंगल ही करते सदा ,मंगलमय हनुमान।।
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रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822
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