श्री गणेश पर दोहे
श्री गणेश पर दोहे
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श्री गणेश की पा कृपा,कर लो जय जयकार।
बल बुद्धि अरु ज्ञान का, सपन तभी साकार।।
गणनायक गणराज की,महिमा अतुल अनूप।
जिनको नित ही पूजते,सब मुनि जन सुर भूप।।
वाहन जिनका मूस है,मोदक जिनका भोग।
लम्ब उदर गज शीश है,अनुपम है संयोग।।
पावन भादो मास में , आते है गणराज।
विघ्न हरें संसार के,पूर्ण करें सब काज।।
श्री गणेश शंकर सुवन,माँ गौरी के पुत्र।
बल बुद्धि विज्ञान है,जिनके पावन सूत्र।।
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रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822
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